Barabanki News... मोदी सरकार आर्थिक रुपसे पंगु हो गयी है। महात्मा गाँधी ग्रामीण रोजगार योजना को धन न होने कारण समाप्त कर दिया गया है। यह संघ नियंत्रित और प्रशिक्षित सरकार महात्मा गांधी नाम से नफरत करती है और वह चाहते हैं कि नथूनीराम गोडसे रोजगार योजना चलाई जाये, जिससे गोडसे को स्वीकार्यता दिलायी जा सके। उक्त विचार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्य परिषद के सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने सोमवार को विकसित भारत-जीराम जी योजना के विरोध में प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को सौपे गए ज्ञापन के बाद व्यक्त किए।
इस दौरान जिला सचिव बृजमोहन वर्मा ने कहा कि राज्य सरकारें खुद कर्ज के मकड़जाल में फंसी हुईं हैं। वो 40% नई योजना में शेयर नहीं कर पायेंगी और नया कानून धन के अभाव में दम तोड़ देगा। राज्य परिषद सदस्य प्रवीण कुमार ने कहा कि 70 करोड लोगो को आंशिक रोजगार देने वाले कानून समाप्त करना उनकी आर्थिक विफलता का सूचक है। वही किसान सभा के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि मनरेगा कानून को कम्युनिस्ट पार्टी ने बनवा था और कम्युनिस्ट पार्टी उसके लिए आन्दोलन करेगी।
पार्टी के कोषाध्यक्ष शिव दर्शन वर्मा नेतृत्व में एक ज्ञापन राष्ट्पति को सम्बोधित जिलाधिकारी के माध्यम से दिया गया। प्रदर्शन में मो.कदीर हसन, राजकुमार वर्मा, प्रेमचद्रवर्मा, महेन्द्र यादव, धर्मेन्द्र शर्मा, प्रमेन्द्र वर्मा, सर्वेश यादव, रामनरेश वर्मा, दीपक वर्मा, सचिन्दानन्द श्रीवास्तव सुन्दरलाल सोनी, दीपक शर्मा, आशीषवर्मा, संदीप तिवारी, अमर सिंह प्रधान, राजेन्द्र बहादुर सिंह, श्याम सिंह ,रुबी सिंह चंदेल, संतोष कुमार , अंकुल वर्मा आदि प्रमुख लोग शमिल थे।

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